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टी-मोबाइल के अधिग्रहण के खिलाफ मुकदमा

वाशिंगटन ।। अमेरिकी न्याय विभाग ने बुधवार को एटी एंड टी कम्पनी को टी-मोबाइल का अधिग्रहण करने से रोकने के लिए एक एकाधिकार व्यापार विरोधी मुकदमा दायर किया।

उप अटॉर्नी जनरल जेम्स एम.कोल ने एक संवाददाता सम्मेलन में कहा कि अमेरिका में 90 प्रतिशत से ज्यादा मोबाइल वायरलेस कनेक्शन एटी एंड टी, टी-मोबाइल, स्प्रिंट और वैरिजोन कम्पनियों के हैं। इसलिए इन कम्पनियों के बीच प्रतिस्पर्धा बरकरार रखना जरूरी है।

समाचार एजेंसी सिन्हुआ के मुताबिक कोल ने कहा कि एटी एंड टी व टी-मोबाइल के विलय से बाजार की चार सबसे बड़ी प्रतिस्पर्धी कम्पनियों में से दो कम्पनियां एक साथ हो जाएंगी। परिणामस्वरूप टी-मोबाइल कम्पनी एक कड़े प्रतिस्पर्धी के रूप में नहीं रहेगी।

दोनों कम्पनियों के विलय से उनके लाखों उपभोक्ताओं को अपनी मोबाइल वायरलेस सेवा के लिए ऊंचे दाम देने पड़ेंगे, उनके पास कम विकल्प होंगे और उन्हें कम गुणवत्ता मिलेगी।

उन्होंने कहा, “हम चाहते हैं कि बाजर में प्रतिस्पर्धा बनी रहे, हर किसी को सस्ते दामों में बेहतर सेवा व गुणवत्तापूर्ण उत्पाद मिलें, इसलिए हम दोनों कम्पनियों के बीच हुए विलय के समझौते को रोकने का रास्ता तलाश रहे हैं।”

एटी एंड टी अमेरिकी की दूसरी सबसे बड़ी मोबाइल फोन सेवा प्रदाता कम्पनी है जबकि इस मामले में टी-मोबाइल चौथे स्थान पर है। एटी एंड टी ने मार्च में 39 अरब डॉलर में टी-मोबाइल के अधिग्रहण की घोषणा की थी। तब से अन्य प्रतिस्पर्धी कम्पनियां, उपभोक्ता वकील व अन्य समूह इस समझौते का विरोध कर रहे हैं।

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